कम पानी वाली फसलों जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती अपनाएँ
अमृत सरोवर योजना के माध्यम से ग्रामीण जल निकायों के पुनर्भरण में भाग लें
फसल विविधीकरण अपनाएँ। धान और गेहूँ की खेती से दालों और तिलहन फसलों की ओर बढ़ें
माइक्रो-इरिगेशन, बंडिंग, लेज़र लेवलिंग, फार्म पॉन्ड, जीरो टिलेज, डायरेक्ट सीडेड राइस आदि जैसी जल-बचत तकनीकों का उपयोग करें
घर, स्कूल और कार्यालयों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करें
जहाँ संभव हो, अपशिष्ट सामग्री से बने ड्रिप सिंचाई प्रणालियों का उपयोग करें
सब्जियाँ धोने के पानी का उपयोग पौधों को पानी देने और अन्य कार्यों में करें
भारी बर्तन और पैन धोने से पहले उन्हें पानी में भिगो दें
नल में ताज़ा पानी आने पर हर बार पहले से संग्रहित पानी को न फेंकें
पौधों, फर्श या वाहनों को धोने के लिए पाइप के बजाय बाल्टी का उपयोग करें
फ्लश, नल और पानी की पाइपों में होने वाले रिसाव को ठीक करें
नल, शावरहेड और टॉयलेट फ्लश के लिए जल-कुशल उपकरणों का उपयोग करें
पानी की खपत मापने के लिए घर में वाटर मीटर लगाएँ
एसी या आरओ से निकलने वाले पानी का उपयोग बर्तन साफ करने, पौधों को पानी देने आदि में करें
ऐसा जल शुद्धिकरण सिस्टम चुनें जो कम पानी बर्बाद करे
जब उपयोग में न हो तो बहते हुए नल को बंद कर दें